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Invest In Gold ETF Through Gold Fund Of Funds

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गोल्ड फन्ड या फन्ड्स को कौन ले सकता है

गोल्ड फन्ड ऑफ फन्ड्स एक ऑप्शन है जिसे आप तब एक्स्प्लोर कर सकते हैं जब आपको डीमैट अकाउन्ट खोलने और ट्रेडिंग तथा एक्स्चेन्ज की झंझटों से बचना हो।

गोल्ड फन्ड ऑफ फन्ड्स केवल गोल्ड ईटीएफ में इन्वेस्ट करता है, इन्हे उनकी अपनी कंपनी या एफिलियेट्स द्वारा ही बताया और मैनेज किया जाना चाहिये।

इसमें कोई एन्ट्री लोड नही होता है।

परंतु आप गोल्ड फन्ड ऑफ फन्ड्स में इन्वेस्ट करने के दौरान जो एक्स्पेन्सेस करते हैं, वे गोल्ड ईटीएफ की तुलना में ज्यादा हो सकते हैं। इस बारे में आगे और ज्यादा जानेंगे।

आपको सिर्फ इतना करना है कि उस फन्ड को चुनें जिसका ट्रैक रेकॉर्ड बेहतर है और जो किसी अनुभवी मैनेजर द्वारा चलाया जा रहा हो।

एक गोल्ड फन्ड ऑफ फन्ड्स के इन्वेस्टर के रुप में, आप एसआईपी के तरीके से (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेन्ट प्लान) अपना फायदा ले सकते हैं। इसका इन्वेस्टमेन्ट धीरे धीरे किया जा सकता है और यह इसका बेहतरीन विकल्प है।

आप सिस्टमेटिक विदड्रॉवल प्लान के जरिये फन्ड में से बाहर भी निकल सकते हैं जो कि पूरा या आंशिक हो सकता है।

फन्ड ऑफ फन्ड्स में आप कम से कम इन्वेस्टमेन्ट से भी काम शुरु कर सकते हैं (यह 5000 तक भी हो सकता है और निर्भर करता है कि आपने कौन सा फन्ड चुना है) और इसके आगे छोटे मल्टीपल्स में चलता रहता है (मान लीजिये 1000 रुपये, एक बार फिर यह आपके द्वारा चुने गए फन्ड पर निर्भर करता है) जो कि एसआईपी रुट के जरिये होता है।

गोल्ड फन्ड ऑफ फन्ड्स के साथ यह बात हमेशा ध्यान में रखना चाहिये कि इसमें एक्जिट लोड 1% - 1.5% तक होता है यदि इसके युनिट्स, खरीदे जाने के एक साल के अन्दर बेच दिये जाते हैं।

गोल्ड फन्ड ऑफ फन्ड्स में इन्वेस्टमेन्ट के दौरान, जैसा कि पहले बताया गया था, फन्ड मैनेजमेन्ट चार्ज के रुप में, यह थोडा महंगा होता है यदि हम गोल्ड ईटीएफ से इसकी तुलना करें, लेकिन इनमें फर्क 0.5% - 0.75% तक ही होता है।

गोल्ड फन्ड ऑफ फन्ड्स को रिडीम करना, म्युच्युअल फन्ड को रिडीम करने के समान ही होता है। इसे ट्रेडिंग अवर्स के दौरान किया जा सकता है। फन्ड ऑफ फन्ड्स की क्लोजिंग एनएवी (नेट असेट वैल्यु) का कैल्क्युलेशन पहले दिन के गोल्ड प्राईज के आधार पर किया जाता है।

जब बात टैक्सेस की आती है, यदि आप गोल्ड फन्ड ऑफ फन्ड्स को एक साल से ज्यादा समय तक होल्ड करते हैं, तब आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 10% या बिना इन्डेक्सेशन के 20% या इन्डेक्सेशन के साथ, जो भी कम होता है, उसे प्राप्त प्रॉफिट पर देना होता है।

गोल्ड फन्ड ऑफ फन्ड्स को एक साल से कम रखने पर इसपर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। इसके प्रॉफिट को आपकी वार्षिक आय में जोडा जाता है और आप जिस ब्रैकेट में आते हैं, उसके अनुसार टैक्स लगाया जाता है।

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