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Gold Bars- Lucrative Long Term Investment

क्या खरीदें

गोल्ड ईटीएफ से गोल्ड मोनेटिसेशन प्लान, यहां वो सब कुछ है जिसे आपको जानने की जरुरत है।

Gold Bars- Lucrative Long Term Investment
गोल्ड बार्स क्यों?
गोल्ड बार्स गोल्ड के आयताकार टुकड़े होते हैं, कई बार इन्हें गोल्ड बिस्किट्स भी कहा जाता है, और मुख्य रुप से इन्हें बचत करने के साधन के रूप में ख़रीदा जाता है। गोल्ड बार्स को मांगलिक प्रसंगों के लिये ख़रीदा जाता है, फेस्टिवल सेलिब्रेट करने के लिये, विशेष समय पर गिफ्ट देने के लिये जैसे एनीवर्सरी या शादी आदि. इसकी डिमांड सीज़न के हिसाब से बदलती रहती है और कुछ मांगलिक दिवस जैसे धन तेरस, दीवाली और अक्षय तृतिया पर गोल्ड बार्स ज़्यादा मात्रा में ख़रीदे जाते हैं।

यह कैसे काम करता है?
  • कम मेकिंग चार्जेस:
    कम मेकिंग चार्जेस की वजह से गोल्ड बार्स में इन्वेस्ट करना ज़्यादा समझदारी का काम है। आप जो मेकिंग चार्जेस देते हैं उसमें आमतौर पर रिफाईनिंग और ट्रान्सपोर्टेशन कॉस्ट जुडी होती है।|
  • वज़न:
    गोल्ड बार अलग-अलग प्रकार के वज़नों में आते हैं जिनकी शुरुआत 0.5 ग्राम से लेकर 1 किलो तक होती है, जिनमें कि 5 ग्राम, 8 ग्राम और 10 ग्राम के बार, ज़्यादातर लोगों की पसंद होते हैं। इस बारे में इन्वेस्ट करने का अपना डिसिजन लेने से पहले आपको अपना बजट, अपना इन्वेस्टमेन्ट और लिक्विडिटी के गोल्स को ध्यान में रखना ज़रुरी है। ज़्यादा वज़न के गोल्ड बार्स सस्ते होते हैं लेकिन कम वज़न के बार्स को कम समय में ही लिक्विडेट किया जा सकता है।
  • प्योरिटी:
    यदि आप इन्वेस्टमेन्ट के कारण गोल्ड बार्स ख़रीद रहे हैं, तो प्योरिटी के बारे में जानकारी बहुत जरुरी है। यह हमेशा ध्यान रखें कि आपको हॉलमार्क या एलबीएमए सर्टिफाईड गोल्ड बार्स ही ख़रीदने हैं। इससे हम यह पक्का कर सकते हैं कि हमें अपने पैसे की पूरी कीमत मिल रही है, साथ ही यह भी कि जब आप अपने गोल्ड बार्स की बिक्री करते हैं, तब वह ज़्यादा अच्छी पोज़ीशन में होता है। इसके अलावा आपको ख़रीददारी के समय प्योरिटी सर्टिफिकेट के बारे में पूछना चाहिये।
  • गोल्ड बार्स की स्टोरिंग:
    चूंकि गोल्ड बार्स की कीमत और वैल्यू कॉईन्स से ज़्यादा होती है, और उन्हें जल्दी लिक्विडेट किये जाने की स्थिति कम ही आती है, उन्हें घर पर स्टोर करना मुश्किल है और इनके लिये दूसरे अल्टरनेटिव्ज जैसे लॉकर या सेफ को चुना जाना चाहिये। लेकिन यदि आप उन्हें घर के लॉकर में या बैंक में सुरक्षित रखना चाहते हैं और आपके पास पहले से लॉकर नही है, तो किराये पर लॉकर लेना एडिशनल कॉस्ट का कारण बनता है।
  • ख़रीददारी:
    गोल्ड कॉईन्स की तरह ही, ख़रीददारी करने से पहले दो-तीन विश्वसनीय रिटेलर्स के पास जाकर थोड़ा समय और पैसा ख़र्च करना फ़ायदेमंद होगा, ताकि आप यह पक्का हो जाए कि आप कम से कम प्रीमियम दे रहे हैं। यह तब ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है जब आप गोल्ड बार्स ख़रीद रहे हों क्योंकि इसमें आपकी इन्वेस्ट की जाने वाला अमाउन्ट ज़्यादा होता है और 1-2% तक का फ़र्क भी सेविंग्स के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण है।
क्या यह मेरे लिये है?
गोल्ड बार्स उन सभी व्यक्तियों के लिये इन्वेस्टमेन्ट का बेहतर मौक़ा है जो इस तरीक़े से बड़ा अमाउन्ट इन्वेस्ट करना चाहते हैं जिससे उन्हें लम्बे समय तक बेनिफिट्स मिले और जो सरल तरीक़े से लिक्विडेट भी हो सकें। गोल्ड बार में इन्वेस्ट करने के हाईलाईट्स इस प्रकार हैं:

  • मेकिंग चार्जेस एकदम नहीं के बराबर
  • आप अपनी फैमिली की फायनान्शियल सिक्योरिटी के लिये गोल्ड बार्स ख़रीद सकते हैं जिससे आगे चलकर उन्हें ज्वेलरी में बदला जा सके या इमरजेन्सी की स्थिति में उन्हें लिक्विडेट किया जा सके।
  • यदि आप एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेन्ट की तलाश में है और उसे फिजिकल गोल्ड में इन्वेस्ट करना चाहते हैं, तो गोल्ड बार्स आपके लिये बेहतर ऑप्शन है।
  • ये सरल तरीक़े से लिक्विडेट हो जाते हैं और इन्हें बेचना भी बड़ा सरल है, यही कारण है कि गोल्ड बार्स सभी इन्वेस्टर्स के बीच बहुत ज़्यादा चलन में है।
  • यह याद रखिये कि छोटे टिकिट्स को बेचना भले ही सरल होता है लेकिन बड़े टिकिट के साथ नुकसान कम से कम होता है –अपने इन्वेस्टमेन्ट गोल के आधार पर आप डिसिजन ले सकते हैं।
इसे रिडीम कैसे किया जा सकता है?
वर्तमान में गोल्ड बार्स किसी भी ज्वेलरी रिटेलर को बेचे जा सकते हैं।

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