Published: 02 फ़रवरी 2018

आपके मोबाइल फोन में स्वर्ण

अगली बार अपने सेल फोन या स्मार्टफोन को देखें तो यह याद रखें कि इसमें स्वर्ण होता है. स्वर्ण के क्षरण या जंग रोधी गुण के कारण इंटीग्रेटेड सर्किट (आईसी) बोर्ड पर सूक्ष्म कनेक्टर्स में इसका प्रयोग किया जाता है और इसी की बदौलत आपका सेल फोन एक शानदार उपकरण बनता है. असल में, इसमें बहुत ज्यादा स्वर्ण नहीं होता – बस लगभग 50 मिलीग्राम – तीस या पैंतीस रुपये के बराबर. लेकिन मोबाइल फोन्स की लाखों-करोड़ों संख्या को देखते हुए इसकी मात्रा काफी अधिक कही जा सकती है.

सहज अनुमान के आधार पर भारत में सेल फोन की संख्या 80 करोड़ होगी, तो 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का स्वर्ण होगा. इसके आगे सोचें तो विभिन्न सरकारी संगठनों के अनुसार दुनिया भर में हर साल एक बिलियन मोबाइल फोन का उत्पादन होता है. इस तरह केवल मोबाइल फोनों में ही 3,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का स्वर्ण भरा है.

मोबाइल फोन में स्वर्ण का प्रयोग इसलिए किया जाता है, क्योंकि यह विद्युत का एक उत्तम संवाहक है. दूसरे कनेक्टर्स में भी इसका इस्तेमाल होता है. स्वर्ण के अलावा चांदी और ताम्बा ही दो ऐसी धातु हैं, जो विद्युत के बेहतर संवाहक माने जाते हैं. डिजिटल डेटा के तीव्र और सटीक संचारण के लिए भी स्वर्ण कनेक्टर्स का प्रयोग किया जाता है.

इसे धरती से खोद कर निकालने के बात इसे हम उपग्रहों पर बाहरी अन्तरिक्ष में भी भेजते हैं. परालाल (इन्फ्रा-रेड) विकिरण को परावर्तित करने और तापमान स्थिर रखने के लिए अन्तरिक्ष यान पर स्वर्ण की परत चढ़ी पॉलिएस्टर फिल्म का प्रयोग किया जाता है. भूविज्ञान समाचार और जानकारी की प्रमुख वेबसाइट Geology.com के अनुसार ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि स्वर्ण नहीं होने से, अंतरिक्षयान के अप्रकाशित हिस्से द्वारा अत्यधिक ताप अवशोषित कर लिया जाएगा. केवल इस कारण से अमेरिकी अंतरिक्षयान कोलंबिया में 41 किलो स्वर्ण (अन्तरिक्ष यात्रियों के हेलमेट पर लगी स्वर्ण परत सहित) का प्रयोग किया गया था.

मोबाइल फोन के समान, कंप्यूटर और लैपटॉप की इंटीग्रेटेड सर्किट्स में भी स्वर्ण का इस्तेमाल होता है. संक्षेप में, कंप्यूटर की सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयु) या “ब्रेन” कहे जाने वाले सर्किट बोर्ड पर स्वर्ण के प्रयोग से कंप्यूटर के अलग-अलग हिस्सों में विद्युत प्रवाह और संचार स्थापित होता है. विली नेल्सन के गीत की तरह आप कह सकते हैं कि ‘इसके दिमाग में हमेशा स्वर्ण होता है’.