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सोना खरीदते समय इनवॉइस लेना क्यों जरूरी है?

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Buying gold with an invoice ensures safeguarding your purchase

आपने ऐसे जोहरियों के बारे में सुना होगा जो इनवॉइस के बदले में या सादे कागज पर कच्चा बिल लेने पर छूट देते हैंI

अगर अगली बार सोने के जेवर खरीदने पर आपके सामने भी यही स्थिति आए तो आप क्या करेंगे? क्या आप एक ऐसे जोहरी से खरीददारी करने का आग्रह करेगे जो पक्का बिल देता हो, या बिना बिल या कच्चे बिल से संतुष्ट हो जाएँगे?

सोना खरीदते समय पक्का बिल लेने का आग्रह करने के बहुत-से कारण हैंI

परन्तु इससे पहले हमें कच्चे और पक्के बिल के अंतर को समझ लेना चाहिए :

कच्चा बनाम पक्का बिल


कच्चा बिल वह बिल होता है जो व्यापारी ग्राहक को वह चीज खरीदने पर देता है जिसका हिसाब उसके बही-खातों में दर्ज नहीं होताI इस प्रकार वह इनकम टेक्स देने और ग्राहक भी बहुत-से टेक्स (अब जीएसटी) देने से बच जाता हैI कच्चे बिल में सिर्फ दुकान का नाम (जहां से जेवर खरीदा गया है) और जेवर का नाम लिखा रहता हैI आमतौर से यह सादे कागज पर होता है या अनुमान के रूप में होता हैI इस तरह के सौदे ही काले धन को जन्म देते हैंI

दूसरी तरफ पक्का बिल या इनवॉइस एक वैध सौदे पर आधारित होता है और इसमें बहुत-से विवरण रहते हैं,जैसेकि:

  1. खरीदे गए सोने की शुद्धता
  2. जेवर का नाम और कोड
  3. सोने की सही-सही मात्रा और बनाई, घिसाई इत्यादि के शुल्क का अलग-अलग विवरण
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तो फिर, एक पक्का बिल लेना क्यों महत्वपूर्ण है जिसमे आपका लेन-देन उपयुक्त ढंग से दर्ज हो?
  1. शुद्धता का प्रमाण

    पक्का बिल आपकी सोने की खरीददारी का एक अखिकृत रिकॉर्ड होता हैI यह शुद्धता का भरोसा दिलाने के साथ-साथ किसी टेक्स सम्बन्धी पूछताछ में भी आपकी मदद करता हैI

  2. वैधता का प्रमाण

    उपयुक्त बिल के बिना सोने की खरीददारी ग़ैर-कानूनी व्यापार गतिविधियों को भी बढ़ावा देती हैI एक इनवॉइस यह घोषणा करता है कि आपने उस जोहरी से उल्लिखित शुद्धता और मूल्य का एक खास जेवर खरीदा है, इसलिए आप दोनों के बीच का लेन-देन एक कानूनी लेन-देन हैI

  3. खरीददारी का उचित मूल्य

    अधिकांश ज्वेलरी स्टोर अपनी बाय-बैक पालिसी या शर्तों की स्पष्ट घोषणा करते हैंI अगर आपके पास उपयुक्त इनवॉइस नहीं है तो वे कोई फेरबदल या अदला-बदली करने से इनकार कर सकते हैंI एक उपयुक्त इनवॉइस में बनाई का शुल्क, सोने का भाव और आपके द्वारा चुकाया गया जीएसटी भी दर्ज रहता हैI इन विवरणों के आभाव में आपसे आपकी करीद्दारी की ज्यादा कीमत वसूली जा सकती हैI

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  4. वैध स्वामित्व का प्रमाण

    दिसम्बर 2016 में भारत सरकार ने बरामदगी और तलाशी के दौरान मिलने वाली अघोषित संपत्ति पर जुर्माना लगा दिया हैI इसका अर्थ है कि जहां विरासत में मिले उन जेवरों के लिए कोई सीमा-रेखा नहीं है जिनका हिसाब आपके पास है, वहीँ बिना हिसाब वाले जेवरों की सीमा पार होने पर आप पर जुर्माना लगाया जा सकता हैI अपने सोने पर अपना कानूनी स्वामित्व साबित करने का इनवॉइस एक अच्छा माध्यम हैI प्रमाण न दे पाने की स्थिति में आप पर सीमा से अधिक सोने के लिए 60% तक जुर्माना और साथ ही 25% का सरचार्ज (अधिभार) लगाया जा सकता हैI

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एक खरीददार होने के नाते अपने सोने का बिल लेना आपका दायित्व हैI एक इनवॉइस यह सुनिश्चित करता है कि आप और आपका प्यारा जेवर हमेशा सुरक्षित रहें और आप इस बहुमूल्य धातु के स्वामित्व के बहुत-से आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक लाभ उठा सकेंI

स्रोत :
स्रोत1, स्रोत2

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