Published: 07 जनवरी 2019

अपना सोना सुरक्षित तरीके से कैसे खरीदें?

जब सोने की खरीद की बात आती है, तो सोने की गुणवत्ता, मात्रा और शुद्धता के बारे में निश्चिंत होना जरूरी होता है। और अगली बार जब भी आप सोना खरीदते हैं तो यह निश्चिंतता प्राप्त करने में आपकी मदद के लिए एक बहुत ही आसान-सी चेकलिस्ट यानी जांचसूची यहां दी जा रही है:

  1. बीआईएस हॉलमार्क निशानों की जांच करें

    इसमें चार निशान होते हैं:

    • बीआईएस लोगो

      यह दर्शाता है कि सोने की मद भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा निर्धारित गुणवत्ता एवं शुद्धता दिशानिर्देशों को पूरा करती है।

    • सोने की शुद्धता की श्रेणी और खरापन

      यह कोड आपके सोने की मद की शुद्धता को दर्शाता है।

      22K916 कोड 22 कैरेट सोने को दर्शाता है।

      18K750 कोड 18 कैरेट सोने को दर्शाता है।

      14K585 कोड 14 कैरेट सोने को दर्शाता है।

    • सुनार का पहचान चिह्न

      प्रत्येक बीआईएस लाइसेंस प्राप्त सुनार को नामित विशिष्‍ट निशान। इसे बीआईएस वेबसाइट से भी सत्यापित किया जा सकता है।

    • हॉलमार्किंग केंद्र का निशान

      प्रत्येक पंजीकृत परख एवं हॉलमार्किंग केंद्र (एएचसी) को आवंटित विशिष्‍ट निशान। आप बीआईएस वेबसाइट से इसका भी सत्‍यापन कर सकते हैं।

  2. सही लागत की गणना करें

    सोने की मद की अंतिम कीमत विभिन्‍न कारकों के आधार पर अलग-अलग सुनार की अलग-अलग होती है।

    इसलिए, खरीदारी से पहले कई सुनारों के यहां से मूल्‍य जान लेना महत्वपूर्ण होता है।

    वैसे, आप mygoldguide.com पर भी सोने की रियल-टाइम मूल्‍य की जांच करके मूल्‍य का अनुमान लगा सकते हैं।

  3. जांच लें कि आपसे बधिक शुल्‍क नहीं लिया जा रहा

    मद के वजन के अनुसार बनाई शुल्‍क का हिसाब लगाएं।

    यह आमतौर पर सोने की लागत का 5% से 25% के बीच होता है। हालांकि, इस पर सुनार से सौदेबाजी की जा सकता है।

  4. कैरेट-पद्धति को जानें

    जितना ज्‍यादा कैरेट होगा, उतना ही ज्‍यादा सोना शुद्ध होगा।

    24K का सोना सबसे शुद्ध होता है; मजबूती और टिकाऊपन बढ़ाने के लिए 22K के और 18K के सोने को अन्य धातुओं के साथ मिलाया जाता है।

  5. सही वजन की जांच करें

    लागत की गणना करते समय ध्‍यान दें कि सुनार केवल सोने का वजन ही लें और अगर उसमें पत्‍थर आदि जड़ा हो तो उसका न लें।

    कभी-कभी, किसी अलग धातु का उपयोग करके सोल्डरिंग भी की जाती है।

    तो, सुनार से जरूर पूछिए और पुष्टि कीजिए कि सोल्डरिंग धातु के वजन और लागत को सोने में नहीं जोड़ा गया है।

  6. वापसी, धनवापसी, और खरीद-वापसी नीति की जांच करें

    कई मामलों में आप अपने आभूषण बेचने/बदलने का फैसला बाद में आसानी से कर लेंगे।

    जब आप अपना सोना बेचने का फैसला करते हैं, तो माना जाता है कि सोने के वजन में रत्नों का वजन नहीं जोड़ा जाएगा।

    बनाई और अपव्यय शुल्क कम करके ही आपको धन प्राप्‍त होगा। विभिन्न सुनार की अलग-अलग खरीद-वापसी दरें होती हैं। इसलिए खरीदने से पहले जरूर पूछ लें।

    ध्‍यान रखें, हॉलमार्क-रहित सोने की तुलना में हॉलमार्क किए गए सोने में कम कटौती हो सकती है।

  7. महत्वपूर्ण जानकारी सहित एक समुचित चालान बनाने के लिए कहें

    चालान में जांच कि सोने की प्रति ग्राम दर, कुल वजन और सोने का मूल्‍य, बनाई शुल्क, जीएसटी आदि जैसे विवरण शामिल हैं।