Published: 21 मई 2018

कैसे होती है यूरोप के देशों में सोने की बानगी?

Rules governing gold hallmarking in European nations

क्या आप जानते हैं कि 13वीं शताब्दी में फ्रांस के किंग लुई नवम्‌ और इंगलैंड के एडवर्ड प्रथम के समय में, सोने के गहनों पर बानगी ही यूरोप में उपभोक्ता संरक्षण का प्रारम्भिक रूप था ? तब से, सार्वजनिक विक्रय हेतु सभी स्वर्ण वस्तुओं के लिए बानगी लगना एक आवश्यकता मानी गयी है।

एक नज़र डालते हैं यूरोप में सोने की बानगी के वर्तमान नियमों पर:

अधिकांश यूरोपीय देश बारीकी पर नियंत्रण और कीमती धातु की वस्तुओं पर बानगी प्रणाली पर वियेना कन्वेंशन के भागीदार हैं। यह सम्मेलन उन राज्यों के बीच एक संधि है जिनका प्रतिनिधित्व कीमती धातुओं के लिए जिम्मेदार मंत्रालय करते हैं। इसी सम्मेलन ने प्रस्तुत किया था कॉमन कंट्रोल मार्क (सीसीएम)।i

कीमती धातुओं से बनी वस्तुओं पर सीसीएम चिह्न लगाना ऐच्छिक है। निर्माताओं के लिए यह अनिवार्य नहीं है। सीसीएम चिह्न बानगी प्रणाली से स्वतंत्र रूप से हर देश में लगायी जाती है।

फिलहाल, 19 देश सदस्य के रूप में हैं। हर सदस्य के पास एक या अधिक अधिकृत निरीक्षण कार्यालय है जो सम्मेलन के प्रावधान (सीसीएम) लगा सकते हैं।

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सम्मेलन के काम का पालन करने वाले अन्य देश हैं चीन, क्रोएशिया, फ्रांस, इटली, मेसिडोनिया, रोमानिया, सर्बिया, सिंगापुर, और स्पेन।

  • सीसीएम के साथ होते हैं एक देश के राष्ट्रीय निरीक्षण कार्यालय का चिह्न, जिम्मेदारी का चिह्न (यानि निर्माता या आयोजक का) और शुद्धता इंगित करता हुआ बारीकी का चिह्न।
  • जिम्मेदारी चिह्न सीसीएम लागू करने वाले देश में ही पंजीकृत होने चाहिए। आयातक देश में उनका पंजीकृत होना आवश्यक नहीं है।
  • सांख्यिक बारीकी चिह्न प्रति हज़ार के भाग में होता है।
    333 ~ 8के (33.3% सोना) 583 व 585 ~ 14के (58.3%-58.5% सोना) 916 ~ 22के (91.6% सोना)
    375 ~ 9के (37.5% सोना) 750 ~ 18के (75% सोना) 960 ~ 23के (96% सोना)
    410 व 417 ~ 10के (41%-41.7% सोना) 800 ~ 19.2के (80% सोना) 999 व 999 ~ 24के (99%-99.9% सोना)
  • सीसीएम का कानूनी स्तर किसी राष्ट्रीय बानगी चिह्न के समान ही होता है। यह सर्व-सम्मत परीक्षण विधियों के अनुसार, बारीकी जाँचने के बाद, नामी राष्ट्रीय निरीक्षण कार्यालयों द्वारा लागू किया जाता है। इसलिए, सदस्य राष्ट्रों में सीसीएम से चिह्नित वस्तुएँ मान्य होती हैं।

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फ्रांस में बानगी:

दुनिया में बानगी की सबसे जटिल प्रणाली वाले देश होने का श्रेय फ्रांस को जाता है।

  • फ्रेंच चिह्न प्रतीकवाद पर आधारित होते हैं जिसमें पशुओं, मनुष्यों, कीट-मकौड़ों और पक्षियों के सार तत्त्वों का प्रयोग किया जाता है। ये सभी चिह्न मिलकर धातु की बारीकी (शुद्धता), निर्माण-स्थान और सम्बंधित आयात व निर्यात को इंगित करते हैं।
  • चील के सिर का चिह्न सोने में कम-से-कम 18 खरात की शुद्धता को इंगित करता है। कानून के अनुसार, सभी सोने के गहनों की न्यूनतम शुद्धता 18 खरात होनी चाहिए। निर्यात होने वाली वस्तुओं पर 9 व 14 खरात के चित्रमय चिह्नों से निशानी दी सकती है।
  • निर्माता की निशानी एक चतुर्भुज घेरे के अंदर होनी चाहिए और उसमें निर्माता के आद्याक्षर होने चाहिए।
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स्पेन में बानगी:

स्पेन निरीक्षण कार्यालय बानगी और लाइसेंस निर्माता निशानी की एक दोहरी प्रणाली का पालन करता है। बानगी राज्य की एक अनिवार्य आवश्यकता है। एक आम चिह्न निशान की विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

  • गारंटी की निशानी: यह सोने के मिश्रधातु को मान्यता देती है और सिर्फ कीमती धातु के आधिकारिक कानून को मान्यता देने वाली स्वायत्त समुदायों की आधिकारिक या अधिकृत प्रयोगशालाओं द्वारा ही रखी जा सकती है।
    • पहला कानून: 750 बारीकी (भाग प्रति हज़ार)
    • दूसरा कानून: 585 बारीकी (भाग प्रति हज़ार)
  • मूल के पहचान का चिह्न: यह निर्माता या आयातक को मान्यता देता है। यह चिह्न स्पैनिश ऑफिस ऑफ पेटेंट्स ऐंड मार्क्स में पंजीकृत होना चाहिए।
  • प्रायोजक चिह्न के विवरण: इससे राष्ट्र में होने वाले विक्रय के लिए सोना निर्माण करने वाले या आयात करने वाले व्यक्ति या कम्पनी की पहचान होती है।
  • बारीकी: 1 ग्राम से ज़्यादा वजन वाली वस्तुओं के लिए बानगी ज़रूरी है। यह भाग प्रति हज़ार (पीपीटी) में परिभाषित होता है। बारीकी के स्वीकार्य मानक हैं 375 पीपीटी, 585 पीपीटी, और 750 पीपीटी।
  • निरीक्षण चिह्न: निरीक्षण चिह्न निम्न सात में से एक निरीक्षण कार्यालयों का होना चाहिए।
    • वी1: वैलेंशिया
    • एम1: मैडरिड
    • ए1: ऐंडलूशिया
    • जी1: गैलिशिया
    • सी1 व सी2: कैटालोनिया
    • बी2: बैलेरिक

ब्रिटिश हॉलमार्किंग काउंसिल से अनुरूप स्पैनिश बानगी हैं:

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यूरोप में सोने की बानगी पर अधिक जानकारी के लिए, पढ़ें कैसे ख़रीदें ब्रिटेन में बानगी लगा सोना।

यदि आपने यूरोप में सोना ख़रीदा है और आप उसे भारत लाना चाह रहे हैं, तो ज़रूरी है कि आप इसे पढ़कर आवश्यक नियम व विनियम जान लें: सोना लेकर यात्रा करते समय जानने योग्य बातें।